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Saturday, July 2, 2016

शनि दोष मिटायें

शनि दोष मिटायें : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि को सबसे ज्यादा क्रूर ग्रह माना गया है और इसी वजह से इन्हें अनिष्ट, अशुभता और दुःख देने वाला ग्रह भी माना जाता है. किन्तु ऐसा है नही क्योकि शनि बहुत ही न्याय प्रिय ग्रह है और इसीलिए शनि देव को न्यायाधीश भी माना गया है. ये सूर्य देव के पुत्र है, अपने पिता से दूर होने के कारण ये प्रकाशहीन है और इसीलिए इन्हें अंधकारमयी, विद्याहीन भावहीन, उत्साह हीन, निर्दयी, अभावग्रस्त ग्रह माना जाता है. अगर आप भी शनि के प्रभाव से ग्रस्त है तो शनि देव के अशुभ फल को दूर करने के लिए आप इन उपायों को अपनाये.


-    आप शनिवार के दिन काले रंग की चिड़िया को खरीदकर उसे दोनों हाथो में ले कर आसमान में उड़ा दें. आपकी सारी तकलीफे भी चिड़िया की तरह ही उड़ जाएगी.


-    आप शिव जी का पूजन कीजिये और शिवलिंग पर प्रतिदिन जल चढ़ाये. साथ ही आप शनिवार के दिन लोहे का त्रिशूल महाकाल शिव, महाकाल भैरव और महाकाली के मंदिर में अर्पित करें.

-    साथ ही आप हनुमान जी की भी प्रतिदिन पूजा करें. 


-    काले तिल, काली उड़द, काली गाय, काले कपडे, तेल, लोहे के बर्तन आदि का किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कीजिये.
Shani dosha or Uske Jyotishi Upaay
शनि दोष  के उपाय 
-    आप गरीबो को खाना खिलाएं और उनकी मदद भी जरुर कीजिये, साथ ही आप काले कुते को दूध पिलाना न भूले.


-    हो सके तो आप शनिवार के दिन व्रत भी रखना शुरू कर दें और शनिवार के दिन ही आप गेहूं में काले चने मिला कर पिसवाये.


-    आप पीपल के पेड़ की पूजा कीजिये, उस पर जल अर्पित कीजिये और उसकी परिक्रमा भी जरुर करें.

-    आप शनिवार के दिन काली उड़द को पीस कर उसके आटे की गोलियां बना ले और फिर आप उन्हें मछलियों को खिलाएं.


-    आप किसी भी शुक्ल पक्ष के पहले शनिवार के दिन 10 बादाम लेकर हनुमान मंदिर में जाएँ, आप मंदिर में 5 बादाम अर्पित कर दें और बचे हुए 5 बादाम को आप अपने घर में लाकर किसी लाल कपडे में बाँध ले और उसे धन के स्थान पर रख ले.


-    आप शनिवार के दिन शमशान घाट में लकड़ियाँ दान करे. आप इस उपाय को 5 शनिवार तक अपनाएं.  


-    इसके अलावा आप शनिवार की रात को सरसों का तेल हाथ और पैरो के नाखुनो पर लगा कर सोये. साथ ही आप शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे तील या सरसों के तेल का दीपक जलाएं.

-    7 शनिवार के दिन आप काले तिल, आटा और शक्कर को मिला कर उनका एक पाउडर बना ले और उन्हें चीटियों को खिलाएं.


-    आप शनिवार के दिन शाम को काले कुत्ते को चुपड़ी हुई रोटी खिलाये. अगर कुत्ता रोटी को खा लेता है तो समझ जाओ कि शनि ग्रह की वजह से मिली हुई आपकी सारी समस्याओ का समाधान हो गया है. लेकिन इस बात का खास ध्यान रखे कि कुत्ते को अपने घर के द्वार पर न लाये अपितु उसे सड़क पर ही रोटी खिलाये.


अगर शनि आपकी कुंडली में किसी भाव पर विराजमान होकर आपको परेशान कर रहा है तो आप इन उपायों को अपनाये –


प्रथम भाव में शनि :

-    अगर शनि आपकी कुंडली के प्रथम भाव में विराजमान है तो आप रोज अपने माथे पर दूध और दही का तिलक लगाये.


-    आप शनिवार के दिन ताम्बे के चार सांप बनवार कर नदी में प्रवाहित करे.


-    आप भगवान शनिदेव और हनुमान जी के मंदिर में जाकर ये प्रार्थना करे कि हे प्रभु ! हमसे जो पाप हुए है, उनके लिए हमें क्षमा करे और हमारा कल्याण करे.


-    जब भी आपको समय मिले आप शनि दोष निवारक मंत्र का जाप करे.


दुसरे भाव में शनि :

-    सबसे पहले तो आप शराब और मांस का त्याग करे.


-    आप सांपो को दूध पिलाना शुरू करे और कभी भी आप सांप को न तो परेशान करे और ना ही उन्हें कभी मारे.


-    कभी भी आप ऐसी गाय और भैस को ना पाले जिनके दो रंग हो.


-    आप शनिवार के दिन किसी तालाब में मछलियों को आटा खिलाएं.


-    आप शनिवार के दिन कभी भी सिर पर तेल न लगाये और आप प्रतिदिन सोते समय दूध का सेवन जरुर करे.


तीसरे भाव में शनि :

-    अगर आपके घर में मुख्य द्वार दक्षिण दिशा कि तरफ है तो आप उसे जल्दी ही बंध करवा दें.

-    आपको रोज शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए और आप दुसरो को भी शनि चालीसा को भेंट स्वरुप दें.


-    आपको अपने गले में शनि यन्त्र को भी धारण करना चाहिए.


-    आप अपने घर में एक काले कुत्ते को भी जरुर पाले और उस कुत्ते का सम्पूर्ण ध्यान रखे.

-    आप कभी भी अपने घर के अंदर हैंडपंप न लगवाये.


चतुर्थ भाव में शनि :

-    अगर आपकी कुंडली के चौथे भाव में शनि है तो आप कभी भी रात्री को दूध न पिए.

-    आप कभी भी पराई स्त्री के साथ अवैध संबंध न बनाये.

-    इसके अलावा आपको कौओ को दाना डालना चाहिए.

-    शनिवार के दिन आप कुएं में कच्चा दूध डाले.

-    साथ ही आप बहती नदी में एक बोतल शराब को प्रवाहित कर दे.


पंचम भाव में शनि :

-    आपको अपने पुत्र के जन्मदिन पर मिठाई की जगह नमकीन वस्तुएं बांटनी चाहिए.

-    आप शनि देव की रोज पूजा करे और शनि यन्त्र को धारण करे.

-    आपको शनिवार के दिन अपने वजन के दसवे हिस्से के बराबर, बादाम को नदी में प्रवाहित करना चाहियें.


छटवे भाव में शनि :

-    आपको कभी भी चमड़े के जूते, बैग, अटैची का उपयोंग नही करना चाहिए.

-    आपको शनिवार के दिन वर्त रखना चाहिए.

-    आप साफ़ नदी के जल में चार नारियल को प्रवाहित कर दे.

-    आप शनिवार के दिन काली गाय को घी से रोटी को चुपड़ कर नियमित रूप से खिलाये.


सप्तम भाव में शनि :

-    अगर आपके सप्तम भाव में शनि है तो आप कभी भी किसी पराई स्त्री के साथ अवैध संबंध न बनाये.

-    आपको मिट्टी के किसी पात्र में शहद को भर कर किसी खेत की मिट्टी के नीचे दबा देना चाहिए.

-    आप अपने हाथ में घोड़े को नाल का शनि छल्ला धारण करें.


अष्टम भाव में शनि :

-    अगर हो सके तो आप अपने गले में चांदी की एक चेन को धारण जरुर करे.

-    आप शनिवार के दिन एक काले कपडे को लेकर उसमे 8 किलो काली उड़द की दाल को डाल ले, फिर आप उस उड़द को बहती नदी के पानी में बहा दें.

-    आपके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा अगर आप सोमवार के दिन चावल का दान करते है. 


नवम भाव में शनि :

-    अगर आपकी कुंडली के नवम भाव में शनि है तो आपको इसके उपाय के लिए अपने पास हमेशा एक पीले रंग का रुमाल जरुर रखना चाहिए.

-    आपको साबुत मुंग को मिट्टी के किसी बर्तन में भर कर नदी में प्रवाहित करनी चाहिए.

-    आप गुरुवार के दिन सवा 6 रत्ती का पुखराज धारण करे.

-    आप शनिवार के दिन किसी तालाब या नदी में मछलियों को आटा जरुर डाले.
 
शनि दोष और उसके ज्योतिषी उपाय
शनि दोष और उसके ज्योतिषी उपाय

दशम भाव में शनि :

-    आपको अपने कमरे में हर चीज़ ( जैसेकि परदे, बिस्तर की चादर, दीवार का रंग इत्यादि ) पीले रंग की ही इस्तेमाल करनी चाहिए.

-    साथ ही आप गुरुवार के दिन पीले लड्डू का दान करे या फिर उसे प्रसाद के रूप में बांटे.

-    समय मिलते ही आप शनि दोष निवारक मंत्र का जाप करे और आप शनि यन्त्र को धारण भी करे.


एकादश भाव में शनि :

-    अगर आपकी कुंडली के एकादश भाव में शनि है तो आप शनिवार के दिन सूर्योदय से पहले अपने घर के मुख्य दरवाजे के सामने भूमि पर शराब या फिर कडवा तेल डाले.

-    आप परस्त्री के साथ कभी भी अवैध संबंध न रखे.

-    आप कौओ को दाना डाले और शनिवार के दिन कुए में कच्चा दूध भी डाले.

-    आपको सबसे ज्यादा सावधान उन लोगो से रहना है जो आपके मित्र के वेश में आपके छुपे हुए शत्रु है.


द्वादश भाव में शनि :

-    सबसे पहले तो इन व्यक्तियों को झूठ का साथ छोड़ना होगा और हमेशा सत्य के मार्ग को अपना होगा.

-    साथ ही आप काले कुत्ते और गाय को शनिवार के दिन रोटी खिलाये और उनकी सेवा करें.

-    आपको शनिवार के दिन काली उड़द की दाल का दान करना चाहिए.

-    आप शराब और मांस से दूर रहे और शनि यन्त्र को धारण करे.

एक लोटा पानी

जब हम नियम और विश्वास के साथ एक लोटा जल लेकर उस जल के साथ खास तरह की क्रियाए करते हैं तो इन क्रियाओ से हमारे जीवन में आने वाली परेशानिया दूर हो जाती हैं. हमारे जीवन में आने वाले दुःख दूर हो जाते हैं. बीमारी ठीक हो जाती हैं. हमारे शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं और हमारे जीवन में जो गृह बाधाएं जो दोष हैं वह सब दूर हो जाते हैं और हमें जीवन में सफलताएँ मिलती हैं, दुःख खत्म हो जाता है और सुख शान्ति बढती है. हमारी आय के स्रोत बड जाते हैं और इसके लिए हमें ना तो कुछ खर्च करना पड़ता है और ना ही शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है बस रोजाना नियम से कुछ क्रियाएँ करनी पड़ती है. बिना किसी खर्च और मेहनत के हमारे जीवन में सब कुछ हमारे मुताबिक होने लगता है. केवल कुछ क्रियाए करके हमें जीवन में सुख प्राप्त होने लगता है और हमें सब कुछ अच्छा लगने लगता है. इसके लिए हमें सिर्फ ठोड़ी सी क्रियाएँ करनी पड़ती हैं. सुबह सूरज निकलने से पहले उठें. रोजाना की कार्यों से निमट कर नहा लें. साफ़ कपडे पहन लें. एक लोटा पानी लें, उसमें एक चुटकी रोली डाल लें और थोडा सा गुड़ और लाल फूल डाल लें. इस पानी से उगते हुए सूरज को अर्ग्य दें. अपने हाथों को सिर तक ले जायें. यहाँ ध्यान देने वाली बात यही है की सूरज उगता हुआ होना चाहिये जिसको कि आप देख सकें. सूर्य लालिमा युक्त होना चाहिये. दूसरी जो ध्यान देने योग्य बात है वह ये है की जो पानी आप सूरज को अर्पित कर रहे हैं उस पानी के छीटें पैरों पर नहीं गिरने चाहिये अर्थात पानी अशुभ स्थान पर नहीं गिरना चाहिये. पानी गिराते समय गायत्री मन्त्र का उच्चारण करें. यह क्रिया शुक्ल पक्ष की रविवार से शुरू करें और रोजाना नियमित रूप से करें. यदि यह क्रिया रोजाना नही कर पाते है तो प्रत्येक रविवार के दिन अवश्य करे.  
 
एक लोटा जल किस्मत में भारी बदलाव ला सकता है
एक लोटा जल किस्मत में भारी बदलाव ला सकता है

इसके साथ एक क्रिया और करें. एक लोटा पानी में थोडा सा दूध डाल लें और रात को सोते समय इसे अपने सिराहने की तरफ रख लें. लोटे को इस तरह रखें की यह गिरे नहीं. सोमवार की सुबह इसे बबूल के पेड़ पर चड़ा दें, यहाँ ध्यान रखे की कोई आपसे बात न करे. इस एक लोटे पानी की क्रियाओं को करने से गृह दोष दूर हो जायेंगे, आपके रास्ते की जो बाधाएं होती हैं वो सब दूर हो जाती हैं. रोग-कष्ट खत्म होने लग जायेंगे. आपके जीवन में उर्जा और उमंग भर जाएगी और दिनचर्या सही हो जाएगी. पितृ दोष दूर हो जायेंगे इष्ट देव की क्रपा प्राप्त होगी. सेहत ठीक हो जाएगी और सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी.  

समस्या का हल पीपल


गीता के अनुसार भगवान श्री कृष्णा ने कहा है कि  मै ( श्री कृष्ण ) वृक्षों में पीपल हूँ और जो भी पुरे श्रद्धा के साथ इस वृक्ष की सेवा करता है उसे लाभ की अनुभूति अवश्य होगी ”. इसिलिया ग्रंथो में वृक्षों में पीपल के पेड़ को देवो का देव भी कहा गया है. पीपल की सेवा के लिए आप प्रत्येक शनिवार को पीपल के वृक्ष पर दूध, जल, शक्कर, शहद, काले तिल, गंगा जल और गुड को जल में मिला का चढ़ाये, इसके साथ आप एक आटे के दीपक में सरसों का तेल डाल कर उसे जलाये, दीपक में आप एक लोहे की कील व 11 साबुत उड़द की दाल के दाने भी डाल दे और धुप जला कर दिये के साथ पीपल के पेड़ को अर्पित करे. इसके बाद आप पीपल के वृक्ष की 11 बार परिकर्मा करते हुए, अपने बाये हाथ से पीपल के वृक्ष की जड़ो को स्पर्श करे और अपने माथे पर लगाये. इन उपायों को करने से भगवान शनि देव की कृपा आप पर बनी रहेगी और आप दुखो से दूर रह पाओगे. 


ये उपाय आपको निमंलिखित समस्याओ से दूर रखेंगे.

·         शत्रुओ से परेशानी : अगर आपकी किसी के साथ शत्रुता है और आपका शत्रु आपको परेशान कर रहा है तो आप ऊपर दिए हुए उपायों को करे और साथ ही आप पीपल के वृक्ष के नीचे बैठ कर हनुमान चालीसा का भी पाठ जरुर करे. इस तरह से आपको आपके शत्रुओ से जुडी सभी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी साथ ही आपके शत्रुओ का नाश होगा.


·         कन्या का दुःख में होना : अगर किसी कन्या की जन्म पत्रिका में प्रबल वैधव्य योग है जिसकी वजह से उसको अपने जीवन में दुखो का सामना करना पड़ रहा है तो उस कन्या को ऊपर दिए गये उपायों को पुरे मन से कम से कम 1 साल तक के लिए जरुर करना चाहिए, तभी उसके दुखो का निवारण होगा और उसके जीवन में भी सुख होंगे.


·         ब्रहस्पति देव का अशुभ स्थिति में होना : अगर आपकी राशी में ब्रहस्पति देव जी मजबूत स्थिति में नही है तो आप ब्रहस्पति देव की अशुभता को दूर करने के लिए केले के और पीपल के वृक्षों की नियमित रूप से सेवा करे. ऐसा करने से ब्रहस्पति देव की स्थिति मजबूत होगी और आपको भी अपने जीवन में इसका लाभ मिलेगा.


·         विशेष कार्य को सिद्ध करने के लिए : अगर आपका कोई विशेष कार्य संपन्न नही हो पा रहा है तो आप उसे पूरा करने के लिए शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के पास जाये और पीपल के वृक्ष से अपने कार्य को पूरा करने के लिए निवदेन करे, उसके बाद आप ऊपर दिए गये उपाय को करे, साथ ही आप पीपल के पेड़ के सामने एक बड़ी सी लोहे की कील को गाड दे, आपका कार्य जरुर पूरा होगा और जब आपका कार्य पूरा हो जाये तो आप उस कील को वापस निकल दे.


·         शरीर के दर्द को दूर करने के लिए : अगर आप अपने हाथो – पैरो के दर्द और कमर के दर्द से परेशान है साथ ही आपके शरीर में भी दर्द होता है और आप थकान महसूस करते है तो आप एक काले कपडे में पीपल के वृक्ष की जड़ या फिर उसकी लकड़ी को बंध ले और उसे आप अपने बिस्तर के सिरहाने रख ले. लेकिन इसके साथ साथ आप ऊपर दिए के उपायों के अनुसार पीपल की सेवा करना न भूले. कुछ समय के पश्चात आपको महसूस होगा कि आपके शरीर का दर्द खत्म हो रहा है और आप दर्द मुख हो रहे है.

·         लगातार हो रहे नुकसान को रोकने के लिए : यदि आपको आपके हर काम में नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और आपका धन भी धीरे धीरे कम होता जा रहा है तो आप निराश न हो बल्कि आप पीपल के वृक्ष का एक पत्ता ले और उस पर ॐ लिख कर अपनी तिजोरी या उस स्थान पर रख ले जहाँ आप अपना धन रखते है. ऐसा आप कम से कम 8 शनिवार जरुर करे, कुछ समय बात आपको आभास होगा कि आपका नुकसान होना बंद हो गया है और आपका धन भी बढ़ने लगा है.


·         जीवन की समस्याओ को दूर करने के लिए : यदि आपके सभी कार्यो में बाधाये उत्तपन होती है जिसकी वजह से आपका कोई भी कार्य सफल नही हो रहा है और आपको हर जगह असफलता ही हाथ लग रही है तो आप शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास जाये और पीपल के वृक्ष के 8 पत्तो को एक साथ एक काले धागे से, एक गाँठ में बाँध ले. फिर जब आप अगले शनिवार को वृक्ष के पास जाये तो आप एक गांठ और लगा दे पर आप पहली वाली गांठ को उतार कर बहते हुए पानी में डाल दे, ऐसा करने से आपके जीवन की सारी समस्याए भी एक एक करके बहते पानी में गांठो की तरह ही बह जाएगी.


·         शिवलिंग की पूजा : शिवलिंग शिव जी की प्रतिमा मानी जाती है तो उनकी पूजा के लिए हर सोमवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे शिवलिंग को रख दे. उसके बाद आप ॐ नमः शिवाय का नियमित रूप से जाप करे और शिवलिंग का जलाभिषेक करे. ऐसा करने से आपके और आपके परिवार के जीवन से सभी दुखो का नाश होगा और आपके परिवार में सुख समृद्धि का भी वास होगा.

 
पीपल हर तरह की परेशानी और कष्ट को दूर करने के लिए


बुध ग्रह के लिए

बुध : जिन व्यक्तियों का जन्म बुध नक्षत्र में हुआ है उनके नक्षत्र के स्वामी बुध होते है और ऐसे लोगो को निम्न उपायों के जरिये लाभ प्राप्त हो सकता है.


1.       इस नक्षत्र के लोगो को पीपल के उस वृक्ष की खोज करनी होगी जो किसी खेत में हो, फिर अपने नक्षत्र वाले दिन वहां जाकर उस पीपल के पेड़ के नीचे स्नान करना होगा तभी इन लोगो को लाभ की प्राप्तियो होगी.

2.       ये लोग अपने जन्म नक्षत्र वाले दिन और बुधवार के दिन पीपल के 3 हरे पत्तो को अपने नहाने के पानी में कुछ समय के लिए छोड़ दे, और कुछ समय पश्चात नहाये. ऐसा करने से इनके दुखो का अंत होगा.

3.       बुध नक्षत्र के व्यक्तियों को बुधवार के दिन और अपने नक्षत्र वाले दिन पीपल के वृक्ष के 6 परिकर्मा अवश्य करनी चाहिए तभी इन्हें लाभ की प्राप्ति होगी.

4.       इस नक्षत्र के लोग अपने नक्षत्र वाले दिन और बुधवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे चमेली के तेल का दीपक जरुर जलाये. 

5.       साथ ही ये लोग बुधवार के दिन चमेली के तेल का या चमेली की खुशबु वाला इत्र पीपल के पेड़ पर अवश्य छिडके इससे इस नक्षत्र के लोगो को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा.


Monday, June 27, 2016

रोगनाशक हैं ये घरेलू औषिधियां

प्रकृति ने धरती पर इंसान को स्वस्थ बनाएं रखने और लंबी उम्र प्रदान करने के लिए कई औषधियां बनाई हैं। जिन्हे यदि एक-एक कर के उपयोग में लाया जाए तो इंसान का शरीर स्वस्थ रहेगा। प्राकृति ने वनस्पतियों के रूप में अनोखी संपदा धरती पर दी है। जो खतरनाक रोगों को पूरी तरह से खत्म करने में लाभकारी है। आइये जानते हैं इन प्राकृतिक वनस्पति औषधियों के बारे में। जिनको जानने से आप कई तरह के गंभीर रोगों से बच सकते हो।
लहसुन
1. मोटापा, जोड़ों के दर्द, सूजन और आर्थराइटिस जैसे गंभीर रोगों  से मुक्ति पाने के लिए खाली पेट सुबह 5 ग्राम लहसुन की 3 कलियां छीलकर पानी के साथ निगलें । एैसा करने से आप इन रोगों से बचोगे।
2. दांतों के दर्द में लहसुन के रस में रूई भिगोकर दांतों के बीच में रखें। दांत दर्द में राहत मिलेगी।
3. श्वास और दमा संबंधी रोगों के लिए 20 ग्राम शहद में 5 ग्राम लहसुन का रस डालकर उसे हलके गरम पानी में मिला लें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें आपको लाभ मिलेगा।
4. पेट दर्द होने पर आधा चम्मच लहसुन का रस 4 चम्मच पानी में घोलकर उसमें हल्का सेंधा नमक डालें। उसका सेवन करने से पेट दर्द में राहत मिलती है।
5. पेट का कैंसर यानि कोलन कैंसर से दूर रहने के लिए नियमित रूप से लहसुन का प्रयोग करते रहें।
हींग
1. सिरदर्द होने पर गरम पानी में हींग को डालकर लेप बना लें और इस लेप को सिर पर लगाने से सिर दर्द ठीक हो जाता है।
2. जिन लोगों को हिस्टीरिया यानि पागलपन के दौरे आते हैं उन्हें हींग सुंघाने से जल्दी चेतना आती है।
3. गैस, खट्टी डकार और पेट दर्द में हींग को नाभी के आसपास मसलें जल्दी लाभ मिलेगा।
4. देसी घी में हींग को मिलाकर लगाने से पित्ती उछलना ठीक हो जाता है।

हल्दी
1. सभी तरह की बीमारियों को दूर करने के लिए हल्दी पाउडर को पानी या छाछ में डालकर सेवन करें।
2. हल्दी को गरम पानी में डाल करके इसके लेप को चोट पर लगाने से चोट के दर्द से मुक्ति मिलती है और कीटाणु भी खत्म होते हैं।
3. स्तनों में सूजन या गांठ की वजह से दर्द हो रहा हो तो हल्दी पाउडर को एलोवेरा के रस के साथ मिलाकर इसे थोडा गर्म करें फिर इसका लेप लगाएं।
4. खांसी, सर्दी-जुकाम होने पर हल्दी के चूर्ण को देसी घी में भूनकर गुड के साथ सेवन करे और बाद में गरम दूध पीएं आपको शीध्र लाभ मिलेगा।

काली मिर्च
1. मांसपेशियों का दर्द ठीक करने के लिए काली मिर्च को तिल के तेल के साथ उच्छे से उबालें और बाद में इस तेल की मालिश मांसपेशियों पर करें आपको लाभ मिलेगा।
2. काली मिर्च और गुड का सेवन करने से खांसी ठीक हो जाती है।
3. काली मिर्च के चूर्ण और नमक को छाछ में डालकर पीने से पेट के कीडे़ खत्म हो जाते हैं।
4. 5 तुलसी के पत्ते, 4 काली मिर्च और 2 लौंग के साथ इलायची व अदरक को चाय में उबालकर पीने से बुखार में राहत मिलती है।

कपूर
1. मुंह में छाले होने पर कपूर को घी के साथ मिलाकर दो-चार बार लगाने से छाले ठीक हो जाते हैं।
2. कपूर को दांतों के बीच दबाए रखने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
3. कपूर का नस्य लेने से जुकाम से हुई बंद नाक खुल जाती है और लाभ मिलता है।
4. दांत में छेद की वजह से कीडे लगने पर कपूर को उस जगह पर भर दें।
5. नारियल तेल में 10 ग्राम कपूर मिलाकर हल्का गरम करें और इसका इस्तेमाल फोड़-फुंसियों और खुजली वाली जगह पर करें। निश्चय ही फायदा होगा।
लौंग
1. गरम पानी में लौग को घिसकर सिर पर लगाने से सिर का तेज दर्द शांत हो जाता है।
2. 3 लौंग को चबाकर उसके बाद पानी पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है।
3. खांसी यदि कष्टदायक हो रही हो तब भुनी हुई लौंग को रात को सोते वक्त चूसना चाहिए।
4. लौंग का चूर्ण को नींबू के रस मे मिलाकर दांतों पर लगाने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
5. काली खांसी से परेशान बच्चों को शहद के साथ भुनी हुई लौंग को मिलाकर चटाने से बच्चों में खांसी कि दिक्कत दूर होती है।
6. मसूडों में सूजन होने पर लौंग का तेल को रूई में भिगोकर मसूड़ों पर लगाएं। जल्दी ही मसूडे ठीक हो जाएगें।
जीरा
1. पानी में जीरे को उबालकर उसे ठंडा कीजिए और फिर इस पानी से चेहरा धोने से त्वचा निखर जाती है।
2. बच्चों को शहद में काला जीरा का चूर्ण मिलाकर देने से बच्चों के पेट में कृमि यानि कीडे नष्ट जो जाते हैं।
3. जीरे के चूर्ण को पुराने गुड के साथ लेने से बुखार में राहत मिलती है।
शहद
1. गुनगुने पानी में शहद को मिलाकर दो से तीन बार दिन में पीने से जुकाम ठीक हो जाता है।
2. शु़द्ध शहद को आंखो पर लगाने से आंखों की रोशनी तेज बनी रहती है।
3. प्रतिदिन शहद का सेवन करने से शरीर में ताजगी और स्फूर्ति आती है।
4. लहसुन के साथ शहद लेने से ब्लडप्रेशर नहीं बढ़ता है।
5. उल्टी आने पर पुदीने का रस और शहद को लेने से लाभ मिलता है।
6. छोटे बच्चों को थोड़ा-थोड़ा शहद देने से उन्हें पोषण मिलता है।

अदरक
1. अदरक को दांत दर्द वाली जगह पर रखने से दांत दर्द नहीं होता है।
2. दमा के रोगीयों को अदरक चूसने से राहत मिलती है।
3. अदरक के रस में हींग मिलाकर मालिश करने से जोड़ों का दर्द ठीक हो जाता है।

प्रकृति ने धरती पर इंसान को स्वस्थ बनाएं रखने और लंबी उम्र प्रदान करने के लिए कई औषधियां बनाई हैं। जिन्हे यदि एक-एक कर के उपयोग में लाया जाए तो इंसान का शरीर स्वस्थ रहेगा। प्राकृति ने वनस्पतियों के रूप में अनोखी संपदा धरती पर दी है। जो खतरनाक रोगों को पूरी तरह से खत्म करने में लाभकारी है। आइये जानते हैं इन प्राकृतिक वनस्पति औषधियों के बारे में। जिनको जानने से आप कई तरह के गंभीर रोगों से बच सकते हो।
लहसुन
1. मोटापा, जोड़ों के दर्द, सूजन और आर्थराइटिस जैसे गंभीर रोगों  से मुक्ति पाने के लिए खाली पेट सुबह 5 ग्राम लहसुन की 3 कलियां छीलकर पानी के साथ निगलें । एैसा करने से आप इन रोगों से बचोगे।
2. दांतों के दर्द में लहसुन के रस में रूई भिगोकर दांतों के बीच में रखें। दांत दर्द में राहत मिलेगी।
3. श्वास और दमा संबंधी रोगों के लिए 20 ग्राम शहद में 5 ग्राम लहसुन का रस डालकर उसे हलके गरम पानी में मिला लें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें आपको लाभ मिलेगा।
4. पेट दर्द होने पर आधा चम्मच लहसुन का रस 4 चम्मच पानी में घोलकर उसमें हल्का सेंधा नमक डालें। उसका सेवन करने से पेट दर्द में राहत मिलती है।
5. पेट का कैंसर यानि कोलन कैंसर से दूर रहने के लिए नियमित रूप से लहसुन का प्रयोग करते रहें।
हींग
1. सिरदर्द होने पर गरम पानी में हींग को डालकर लेप बना लें और इस लेप को सिर पर लगाने से सिर दर्द ठीक हो जाता है।
2. जिन लोगों को हिस्टीरिया यानि पागलपन के दौरे आते हैं उन्हें हींग सुंघाने से जल्दी चेतना आती है।
3. गैस, खट्टी डकार और पेट दर्द में हींग को नाभी के आसपास मसलें जल्दी लाभ मिलेगा।
4. देसी घी में हींग को मिलाकर लगाने से पित्ती उछलना ठीक हो जाता है।

हल्दी
1. सभी तरह की बीमारियों को दूर करने के लिए हल्दी पाउडर को पानी या छाछ में डालकर सेवन करें।
2. हल्दी को गरम पानी में डाल करके इसके लेप को चोट पर लगाने से चोट के दर्द से मुक्ति मिलती है और कीटाणु भी खत्म होते हैं।
3. स्तनों में सूजन या गांठ की वजह से दर्द हो रहा हो तो हल्दी पाउडर को एलोवेरा के रस के साथ मिलाकर इसे थोडा गर्म करें फिर इसका लेप लगाएं।
4. खांसी, सर्दी-जुकाम होने पर हल्दी के चूर्ण को देसी घी में भूनकर गुड के साथ सेवन करे और बाद में गरम दूध पीएं आपको शीध्र लाभ मिलेगा।

काली मिर्च
1. मांसपेशियों का दर्द ठीक करने के लिए काली मिर्च को तिल के तेल के साथ उच्छे से उबालें और बाद में इस तेल की मालिश मांसपेशियों पर करें आपको लाभ मिलेगा।
2. काली मिर्च और गुड का सेवन करने से खांसी ठीक हो जाती है।
3. काली मिर्च के चूर्ण और नमक को छाछ में डालकर पीने से पेट के कीडे़ खत्म हो जाते हैं।
4. 5 तुलसी के पत्ते, 4 काली मिर्च और 2 लौंग के साथ इलायची व अदरक को चाय में उबालकर पीने से बुखार में राहत मिलती है।

कपूर
1. मुंह में छाले होने पर कपूर को घी के साथ मिलाकर दो-चार बार लगाने से छाले ठीक हो जाते हैं।
2. कपूर को दांतों के बीच दबाए रखने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
3. कपूर का नस्य लेने से जुकाम से हुई बंद नाक खुल जाती है और लाभ मिलता है।
4. दांत में छेद की वजह से कीडे लगने पर कपूर को उस जगह पर भर दें।
5. नारियल तेल में 10 ग्राम कपूर मिलाकर हल्का गरम करें और इसका इस्तेमाल फोड़-फुंसियों और खुजली वाली जगह पर करें। निश्चय ही फायदा होगा।
लौंग
1. गरम पानी में लौग को घिसकर सिर पर लगाने से सिर का तेज दर्द शांत हो जाता है।
2. 3 लौंग को चबाकर उसके बाद पानी पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है।
3. खांसी यदि कष्टदायक हो रही हो तब भुनी हुई लौंग को रात को सोते वक्त चूसना चाहिए।
4. लौंग का चूर्ण को नींबू के रस मे मिलाकर दांतों पर लगाने से दांत दर्द ठीक हो जाता है।
5. काली खांसी से परेशान बच्चों को शहद के साथ भुनी हुई लौंग को मिलाकर चटाने से बच्चों में खांसी कि दिक्कत दूर होती है।
6. मसूडों में सूजन होने पर लौंग का तेल को रूई में भिगोकर मसूड़ों पर लगाएं। जल्दी ही मसूडे ठीक हो जाएगें।
जीरा
1. पानी में जीरे को उबालकर उसे ठंडा कीजिए और फिर इस पानी से चेहरा धोने से त्वचा निखर जाती है।
2. बच्चों को शहद में काला जीरा का चूर्ण मिलाकर देने से बच्चों के पेट में कृमि यानि कीडे नष्ट जो जाते हैं।
3. जीरे के चूर्ण को पुराने गुड के साथ लेने से बुखार में राहत मिलती है।
शहद
1. गुनगुने पानी में शहद को मिलाकर दो से तीन बार दिन में पीने से जुकाम ठीक हो जाता है।
2. शु़द्ध शहद को आंखो पर लगाने से आंखों की रोशनी तेज बनी रहती है।
3. प्रतिदिन शहद का सेवन करने से शरीर में ताजगी और स्फूर्ति आती है।
4. लहसुन के साथ शहद लेने से ब्लडप्रेशर नहीं बढ़ता है।
5. उल्टी आने पर पुदीने का रस और शहद को लेने से लाभ मिलता है।
6. छोटे बच्चों को थोड़ा-थोड़ा शहद देने से उन्हें पोषण मिलता है।

अदरक
1. अदरक को दांत दर्द वाली जगह पर रखने से दांत दर्द नहीं होता है।
2. दमा के रोगीयों को अदरक चूसने से राहत मिलती है।
3. अदरक के रस में हींग मिलाकर मालिश करने से जोड़ों का दर्द ठीक हो जाता है।

पुदीना
1. पुदीना के रस को दाद वाली जगह पर नियमित लगाने से दाद और दाद के निशान दोनों ही दूर होते हैं।
2. बुखार आने पर तुलसी का रस और पुदीना का रस को मिलाकर पीने से बुखार जल्दी ठीक होता है।
3. तलवों की जलन हो या फिर हथेलियों में जलन पुदीने को पीसकर उसे लगाने से जलन ठीक हो जाती है।

इन प्राकृतिक वनस्पति औषधियों के प्रयोग से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। क्योंकि छोटी बीमारियां ही शरीर में बड़े रोगों को पैदा करती है और इंसान की उम्र को भी कम। ये प्राकृतिक औषधियां आपको घर पर ही मिल जाती हैं। बस आपको इनके बारे में पता होना चाहिए।
पुदीना
1. पुदीना के रस को दाद वाली जगह पर नियमित लगाने से दाद और दाद के निशान दोनों ही दूर होते हैं।
2. बुखार आने पर तुलसी का रस और पुदीना का रस को मिलाकर पीने से बुखार जल्दी ठीक होता है।
3. तलवों की जलन हो या फिर हथेलियों में जलन पुदीने को पीसकर उसे लगाने से जलन ठीक हो जाती है।

इन प्राकृतिक वनस्पति औषधियों के प्रयोग से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। क्योंकि छोटी बीमारियां ही शरीर में बड़े रोगों को पैदा करती है और इंसान की उम्र को भी कम। ये प्राकृतिक औषधियां आपको घर पर ही मिल जाती हैं। बस आपको इनके बारे में पता होना चाहिए।