Monday, December 18, 2017

$ex शक्ति को बढ़ाने वाले घरेलू उपाय

• बाजारों में अधिक मात्रा में $ex शक्ति को बढ़ाने वाली दवाईयां भी मिलती है। जिसे लोग इन दवाईयों को काफी मात्रा में प्रयोग कर रहे हैं। वे लोग यह नहीं जानते हैं कि ये दवाईयां उनके शरीर पर कितना गलत प्रभाव ड़ालती है। कुछ ऐसे घरेलू उपाय है जिनको आप खुद ही तैयार करके प्रयोग में ला सकते हैं। ये घरेलू नुस्खें सरल, सस्ते, नुक्सान रहित तथा लाभदायक है। ये घरेलू नुस्खें इस प्रकार हैः- 

• 1. आंवलाः- 2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से $ex शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। 

• 2. पीपलः- पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा $ex करने की ताकत में वृद्धि होती है। 

• 3. प्याजः- आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद तथा आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है। 

• 4. चोबचीनीः- 100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है। 

• 5. कौंच का बीजः- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100 ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है तथा नामर्दी दूर होती है। 

• 6. इमलीः- आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी शीशी में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है। 

• 7. बरगदः- सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और $ex शक्ति भी अधिक हो जाएगी। 

• 8. सोंठः- 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है तथा $ex शक्ति को बढ़ाती है। 

• 9. अश्वगंधाः- अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। इसमें से आधा चम्मच चूर्ण दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है। 

• 10. त्रिफलाः- एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है। 

• 11. छुहारेः- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू तथा दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है। 

• 12. उंटगन के बीजः- 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।

• 13. तुलसीः- आधा ग्राम तुलसी के बीज तथा 5 ग्राम पुराने गुड़ को बंगाली पान पर रखकर अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाएं। इस मिश्रण को विस्तारपूर्वक 40 दिनों तक लेने से वीर्य बलवान बनता है, संभोग करने की इच्छा तेज हो जाती है और नपुंसकता जैसे रोग भी दूर हो जाते हैं।

• 14. गोखरूः- सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से $ex कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।

• 15. सफेद मूसलीः- सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा $ex शक्ति में अधिकता लाता है।

• 16. हल्दीः- वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है। 

• 17. उड़द की दालः- आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से $ex करने की ताकत बढ़ जाती है। 

• 18. जायफलः- जायफल 10 ग्राम, लौंग 10 ग्राम, चंद्रोदय 10 ग्राम, कपूर 10 ग्राम और कस्तूरी 6 ग्राम को कूट-पीसकर इस मिश्रण के चूर्ण की 60 खुराक बना लें। इसमें से एक खुराक को पान के पत्ते पर रखकर धीरे-धीरे से चबाते रहें। जब मुंह में खूब रस जमा हो जाए तो इस रस को थूके नहीं बल्कि पी जाएं। इसके बाद थोड़ी सी मलाई का इस्तेमाल करें। यह चूर्ण रोजाना लेने से नपुंसकता जैसे रोग दूर होते हैं तथा $ex शक्ति में वृद्धि होती है। 

• 19. शंखपुष्पीः- शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर $ex शक्ति में ताकत आती है। 

• 20. गाजरः- 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250 ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4 चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्यूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह पदार्थ गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकार शरीर को मजबूत रखता है। इससे $ex शक्ति भी बढ़ती है। 

• 21. ढाकः- ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा $ex क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है। 

• 22. जायफलः- 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है। 

• 23. इलायचीः- इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर $ex शक्ति को बढ़ाता है। 

• 24. सेबः- एक अच्छा सा बड़े आकार का सेब ले लीजिए। इसमें हो सके जितनी ज्यादा से ज्यादा लौंग चुभाकर अंदर तक डाल दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग चुभाकर अंदर तक डाल दीजिए। दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग शीशी में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40 दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से $ex क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है। 

• 25. अजवायनः- 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी शीशी में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह $ex क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है।


कीगेल एक्सरसाइज 

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परिचयः- 

कीगेल एक्सरसाइज एक तरह से एक बहुत ही आसान व्यायाम है जिसे कोई भी पुरुष बड़ी ही सरलता से कर सकता है। पुरुष संभोग करते समय कीगेल एक्सरसाइज करके स्वयं तथा अपनी जीवन साथी को $ex क्रिया करते समय आंनद दे सकता है। कीगेल एक्सरसाइज से केवल नितम्ब के पीछे की भाग की मांसपेशियों के सरल व्यायाम करने होते है।

कीगेल एक्सरसाइज को अगर पुरुष रोजाना विस्तार पू्र्वक करें तो उसे संभोग करने के बाद परम सुख पाने के लिए किसी भी तरह का कोई भी प्रयत्न करने की जरुरत नहीं होती है। इस व्यायाम को करने के बाद पुरुष के नितम्ब के पीछे के भाग की मांसपेशियां ताकतवर और फुर्तीली बन जाती है। स्त्रियों और पुरुषों को सम्पूर्ण आनन्द देने वाली यही मांसपेशी होती है। इस कीगेल एक्सरसाइज को करने से पुरुष अपनी $ex क्रिया को अधिक समय तक बढ़ा सकता है। यह वीर्य के जल्दी गिरने के रोग को भी रोकने में भी सक्षम होता है। इससे संभोग करने का समय भी बढ़ जाता है। वीर्य के जल्दी गिरने के रोग से परेशान पुरुषों के लिए कीगेल एक्सरसाइज से बहुत ही अधिक फायदा मिलता है।

अगर आप कीगेल एक्सरसाइज को पूर्ण रूप से काबू कर ले तो संभोग करते वक्त वीर्य के निकले बिना ही कई बार चरम सुख को प्राप्त कर सकते हैं। कीगेल एक्सरसाइज के करने के बाद केवल संभोग करते समय यौन आनन्द को बढ़ाने वाली ही परेशानियां ही उत्पन्न नहीं होती लेकिन कुछ अन्य लाभ भी प्राप्त होते हैं। जैसे कि- पुरुष और स्त्री अपने नितम्ब के पीछे के भाग की मांसपेशियों को खींच कर संभोग करने के समय को काफी ज्यादा समय के लिए बढ़ा सकते हैं तथा संभोग करते समय दिशा भी बदल सकते हैं।

कीगेल एक्सरसाइज को किस तरह से करना चाहिएः- 

• कीगेल एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले यह मालूम करना अति आवश्यक है कि आपके अंदर प्युबोकोसीगेल मांसपेशी कौन सी होती है? 

• अगर आपको तेजी के साथ पेशाब लगता है तो उस समय अपनी दोनों टांगों को थोड़ा सा फैलाकर पेशाब करना शुरू कर देना चाहिए। मूत्र के वेग को कभी भी रोकना नहीं चाहिए। इस तरह से आप जिस किसी भी मांसपेशियों पर जोर देगें, वही मांसपेशी प्युबोकोसीगेल होती है।

• जब आप पेशाब करना शुरू करें तो इस पेशाब को कुछ समय के लिए के रोक कर रखें और उसके कुछ समय के बाद पेशाब को दुबारा से करना शुरू कर दें। पेशाब करते वक्त आरम्भ में आपको कुछ दिक्कत महसूस होगी। हो सकता है कि पेशाब का वेग थोड़ी देर के लिए ही रुक जाए। लेकिन इससे घबराना नहीं चाहिए, इसका प्रयत्न निरंतर करते रहना चाहिए। इस तरह से आप निरंतर के प्रयास करने से इस मांसपेशी को काबू रखने में सफल हो जाएंगे। 

• इस तरह से जब आप इस मांसपेशी को अपने काबू में रखने में सफल हो जाएं उस समय पेशाब करने का मन न होने पर भी आपको मांसपेशियों पर दबाव डालना होगा। इस प्रयास को कुछ समय तक ही करने की कोशिश करें।

• आरम्भ में इस मांसपेशी को थोड़ी देर के लिए भींच कर रखें। 15-20 दिन गुजरने के बाद इस मांसपेशी के भींचने की समय-सीमा को बढ़ा देना चाहिए।

• कुछ समय तक प्युबोकोसीगेल मांसपेशी को दबाकर रखने की क्रिया होल्ड कहलाती है। इसी तरह ही इस मांसपेशी को जल्दी-जल्दी भींचने और खोलने की क्रिया को क्यूक कंट्राक्टेशन भी कहते हैं।

• स्त्री को कम से कम 5 सेंकड से ज्यादा होल्ड की अवस्था में नहीं रहना चाहिए तथा पुरुष को ज्यादा से ज्यादा 15 सेकंड तक ही होल्ड की अवस्था में रहना चाहिए।

• कोई भी पुरुष संभोग करने के दरम्यान कुछ महीनों के प्रयास के बाद ही अपनी उत्तेजना और भावना को काबू करके इस मांसपेशी पर अपना प्रेशर बना सकता है। 

• इस तरह से कीगेल एक्सरसाइज पर काबू हो जाने पर पुरुष अपने वीर्य के जल्दी गिरने के कार्य को समान रूप से रोक सकने में कामयाब हो सकते हैं तथा फिर इसके बाद वे दुबारा से संभोग करने का कार्य कर सकते हैं। अगर वीर्य के जल्दी गिरने की उम्मीद महसूस हो तो कीगेल एक्सरसाइज के द्वारा अपनी मांसपेशी पर प्रेशर बनाए रखें और शीघ्रपतन को कुछ समय के लिए रोक दें। 

• इस अभ्यास को बार-बार करते रहें। इस तरह से कीगेल एक्सरसाइज को जितना आप काबू में रखेंगे, आप $ex क्रिया करने का समय भी उतना ही बढ़ाने में सफल हो जाएंगे।

• कीगेल एक्सरसाइज का प्रयास पुरुष हैंडप्रैक्टिस के बाद भी कर सकते हैं।


मासिकधर्म 

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चिकित्सा-

• लगभग 12-12 ग्राम हीरा कसीस विलायती, एलुआ, घी में हल्की सी भुनी हुई हींग, शुद्ध हिंगुल, सुहागे की खील और नमक को एकसाथ पीसकर पानी के साथ लगभग आधा ग्राम के बराबर की गोलियां बना लें। इन गोलियों को सुबह और शाम गर्म पानी से खाना चाहिए। इन गोलियों को मासिकधर्म के आने से 3-4 दिन पहले खाना शुरू करके मासिकधर्म के दौरान भी सेवन करते रहना चाहिए। इसके अलावा रोगी स्त्री की कमर और पेड़ू पर गर्म पानी की बोतल या गर्म ईंट से सिंकाई करनी चाहिए। रोगी स्त्री को गर्म पानी से भरे टब में नाभि तक बैठाना भी लाभकारी रहता है। घी में भुने हुए चने या लोबिया का रस, गर्म पानी, बाजरा, गेंहू, बैंगन, मटर, छुहारा, चाय और किशमिश का सेवन करना भी रोगी स्त्री के लिए लाभकारी है। 

• अगर किसी स्त्री को मासिकधर्म के समय स्राव ज्यादा आता हो या उन दिनों में दर्द बहुत ज्यादा होता हो तो उसे मासिकधर्म शुरू होने के चौथे दिन से लगभग 3 ग्राम मुलहठी का चूर्ण, 2 ग्राम माईं, 1 ग्राम शुद्ध रसौत और 1 ग्राम कत्था को रोजाना सुबह और शाम फांककर उसके ऊपर से चावलों का पानी पी लें। ऐसी समस्याओं के लिए लगभग 120 से 240 मिलीग्राम नागभस्म को सुबह और शाम मक्खन के साथ लेना बहुत अच्छा रहता है। अगर रोगी स्त्री को इन साधारण योगों से किसी तरह का लाभ नहीं होता तो किसी अच्छे चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। 

• अगर शरीर में खून की कमी के कारण, मानसिक आघात या कमजोरी के कारण मासिकधर्म बहुत कम आता हो तो रोगी स्त्री को पौष्टिक भोजन और शरीर को मजबूत करने वाली औषधियों का सेवन करने से लाभ होता है। इस रोग में आंवले का मुरब्बा, लौह-भस्म, अभ्रक भस्म, चांदी की भस्म और फलघृत बहुत लाभकारी होता है। 

• अगर मासिकधर्म बिल्कुल न आता हो तो पहले नंबर के बनाए नुस्खे में 12 ग्राम केशर और 25 ग्राम इन्द्रायण की जड़ का चूर्ण मिला लें। इन गोलियों को लगभग 40 दिन तक सेवन करने से मासिकधर्म आना शुरू हो जाता है। 

• जानकारी- यह गोलियां कब्ज लाने वाली होती है इसलिए इनका सेवन करते समय कब्ज आदि होने पर किसी तरह से डरना नहीं चाहिए।

बूढ़ी स्त्रियों का मासिकधर्म बंद होना- 

अक्सर स्त्रियों का 40 से 50 साल की उम्र में मासिकधर्म धीरे-धीरे अनियमित हो जाता है जैसे कभी तो उनका मासिकधर्म 2-3 महीने तक बिल्कुल नहीं आता और कभी महीने में 2 बार भी आ जाता है। अगर स्त्री के साथ ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है तो इससे उसको बहुत ज्यादा मानसिक आघात पहुंचता है क्योंकि वह समझती है कि अब उसका स्त्रीत्व समाप्त हो गया है। इस कारण से उसके अंदर चिड़चिड़ापन सा पैदा हो जाता है, वह बात-बात पर गुस्सा करने लगती है। स्त्री को यह समझना चाहिए कि यह एक स्वाभाविक स्थिति है। इससे उसके आकर्षण में किसी प्रकार की कमी नहीं हो सकती और न ही संभोग सुख में कमी हो सकती है।


$ex क्षमता को बढ़ाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स 

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परिचयः- 

$ex क्षमता को बढ़ाने के लिए कुछ प्रयोग ऐसे भी हैं जो $ex शक्ति को अधिक रुप से बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुए हैं। बहुत से लोगों को इसके बारे में मालूम ही नहीं है। यहां हम कुछ ऐसे उपाय लिख रहे हैं जिनके प्रयोग करने से आप अपनी $ex क्षमता को काफी मात्रा में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं।

उपायः-

रंगः- 

गुलाबी, लाल, बैंगनी एवं जामुनी रंग की प्रकृति गर्म होती है। ये रंग संभोग करने की शक्ति को जगा देते हैं। यदि बेडरूम की दीवारों पर, दरवाजों पर तथा खिड़कियों के ऊपर इनमें से किसी भी एक रंग के परदे लगाएं या इनमें से किसी एक रंग का बल्ब अपने बेडरूम में जलाया जाए तो $ex क्षमता में बहुत अधिक मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है।

तेलः-

लाल रंग की शीशी में मूंगफली का तेल, एरंड का तेल, सरसों, तिल, सूर्यमुखी तथा जैतून का तेल भरकर सूर्य़ की रोशनी में 40 दिनों तक रख दें। फिर रात को सोते समय इस तेल के द्वारा हल्के-हल्के हाथों से शिश्न, अंडकोष, पेट तथा रीढ की हड्डी आदि पर मालिश करें। इसका रोजाना प्रयोग करने से नामर्दी या वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग समाप्त हो जाते हैं।

खड़ाऊः- 

खड़ाऊं पहनने से भी $ex क्षमता में बहुत अधिक मात्रा में वृद्धि होती है। पुराने युग में लोग खड़ाऊं का अधिक इस्तेमाल करते थे जिसके कारण उनमें $ex क्षमता काफी अधिक थी। वे लोग अधिक उम्र में भी $ex का आनंद लेते थे। व्योमा थेरेपी में बताया गया है कि खड़ाऊं का इस्तेमाल करने से $ex क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है। इसकी वजह यह है कि खड़ाऊं पहनकर चलने से दोनों पैरों के तलवों के पिछले हिस्सों के मध्य स्थित भाग की $ex ग्रंथियों के जोड़ पर दबाव अधिक पड़ता है जिसके कारण $ex ग्रंथियां जागृत होती हैं। रोजाना विस्तारपूर्वक खड़ाऊं पहनकर चलने से नामर्दी, वीर्य का शीघ्र गिरना तथा $ex करने के बाद होने वाली शीघ्रपतन जैसी परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

सूर्य की रोशनीः- 

नीले रंग की कांच शीशी में ऊपर बताए गए किसी भी एक तेल को भरकर 30 दिनों तक सूर्य की रोशनी में रखें, फिर इस तेल को मेरुदण्ड (रीढ़ की हड्डी) पर नीचे से ऊपर की ओर ले जाते हुए मालिश करें। इसके साथ ही इस तेल से अण्डकोष और मलद्वार के बीच वाले भाग पर भी मालिश करें। इस सूर्यतप्त तेल को रोजाना विस्तारपूर्वक इस्तेमाल करने से संभोग करने की इच्छा शक्ति बढ़ जाती है।

• एक नहाने का टब लें और इसमें ठंडा पानी भर लें। तब पुरुष अपने कपड़ों को उतारकर उस टब में अच्छी तरह से बैठ जाए। टब में इतना पानी भरना चाहिए कि पुरुष की कमर उस पानी तक आ जाए। इसके पश्चात एक कपड़े के टुकड़े को पानी में अच्छी तरह से डुबोकर उस कपड़े से अपने शिश्न को मल-मलकर बार-बार अच्छी तरह से धोएं। कम से कम 10 मिनट तक इस प्रकार करते रहें। इस तरह से करने से शिश्न की सफाई भी हो जाती है और उसमें खून का उतार-चढाव भी सही तरीके से होता रहेगा। इसी प्रकार से अण्डकोष की भी सफाई करें। फिर दोनों जाघों एवं रीढ़ की हड्ड़ी पर भी किसी साफ कपड़े से सफाई करें। इस प्रयास (क्रिया) को रोजाना विस्तार से करने से वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग की शिकायत समाप्त हो जाती है।

• नहाने से पहले सूखे तौलिये अथवा अपने हाथों से सारे शरीर को अधिक तेजी से रगड़ें। इस तरह से रगड़ने से एक अजीब तरह की विद्युत शक्ति उत्पन्न होती है जिससे सारे शरीर में स्फूर्ति का संचार होता है। इससे खून का संचारण सही तरीके से होता रहता है।

• शौच करने या पेशाब करने के बाद शिश्न (लिंग) को ठंडे जल से अच्छी प्रकार से धोएं तथा एक लोटा ठंडे पानी से शिश्न एवं उसकी जड़ पर पतली धार की तरह पानी डालिए। इस तरह से करने से वीर्य का जल्दी गिरना और स्वप्नदोष के रोग समाप्त हो जाते हैं।

• नहाते समय रीढ़ की हड्डी पर ठंडे पानी की धार डाली जाए तो शीघ्रपतन (वीर्य का जल्दी गिरना) जैसे रोग की स्थिति पैदा ही नहीं होती है।

• संभोग करने की इच्छा न करने में कमी आ जाने पर रीढ़ के निचले भाग पर ठंडा व गर्म सेंक करना चाहिए। इसके लिए 2 मिनट तक गर्म तथा 1 मिनट तक ठंडा सेंक करें। इस क्रिया को 10 से 15 बार तक करें। इसे विस्तृत रूप से करने से $ex करने की इच्छा दौबारा लौट आती है।

$ex क्षमता को अधिक बढ़ाने और उसका अधिक से अधिक आनंद प्राप्त करने के लिए आयुर्वेद में भी कुछ योगों का विशेष वर्णन किया गया है। यदि इन योगों का अधिक मात्रा में इस्तेमाल न किया जाए तो इनका शरीर पर कोई साइड या बाहरी प्रभाव नहीं होता है। इन योगों की यहीं एक खास विशेषता है। इसके विपरीत इसे कोई भी पुरुष बहुत ही आसान तरीके से इसे अपने घर में भी बना सकता है।

कुछ उपयोगी प्रयोगः- 

नामर्दी को दूर करने वाली चिकित्साः- 

तुलसी के बीज, शिवलिंगी के बीज, सेमल के बीज, खिरैंटी के बीज, काली कौंच के बीज, गंगेरन के जड़ की सूखी छाल तथा चिरौंजी की जड़ की छाल- इन सभी को मिलाकर बराबर मात्रा में लेकर कूट लें। इस सब मिश्रण के आधे भाग में मिश्री को मिलाकर कांच के किसी बर्तन में डाल लें। 10 ग्राम दवा रात को सोते समय लेकर ऊपर से एक गिलास दूध पी लें। इस मिश्रण को प्रतिदिन एक महीने तक इस्तेमाल करें। इस मिश्रण को जब तक लेते रहें तब तक अधिक तेल-मसालेदार, चिकनाईयुक्त, भारी भोजन एवं खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अंर्तगत $ex क्रिया नहीं करनी चाहिए। एक महीने तक इसका सेवन करने से यह शरीर में बहुत अधिक शक्ति पैदा कर देता है।

शक्तिवर्धक उपायः- 

लगभग आधा लीटर गाय के दूध में 150 ग्राम कौंच के बीज को मिलाकर इसे हल्की आग पर पकाने के लिए रख दें। जब यह दूध अच्छी तरह से पककर गाढ़ा हो जाए तो इसे आग से उतार दें। फिर कौंच के बीजों के छिलके को निकालकर इन्हें सिल-बट्टे पर बारीक पीस लें। इसमें अच्छी तरह से मैदा मिलाकर इसको आटे की तरह गूंथ लें। फिर मैदा को जामुन की तरह से गोलियां बना लें। इस गोली को शुद्ध घी के साथ गुलाबी रंगत आने तक इसको भूनें। इसके बाद इसको शक्कर की चाशनी में मिलाकर निकाल लें। अब सभी पदार्थ को एक चौड़े मुंह वाले बर्तन में डालकर उस बर्तन में इतना मधु (शहद) डाले कि मैदा से बनी हुई सारी गोलियां उसमें डूब जाएं। इसमें से एक-एक गोली सुबह और शाम को खाली पेट लेना चाहिए और ऊपर से एक गिलास दूध पी लें। इन गोली का प्रयोग करने के एक घंटे के बाद भोजन को करना चाहिए। यह गोली बुजुर्ग और शादी-शुदा पुरुष दोनों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। जिन पुरुषों के शिश्न (लिंग) में तनाव उत्पन्न नहीं होता या वे पुरुष जिनका वीर्य जल्दी ही निकल जाता है, उन पुरुषों के लिए यह एक बहुत ही कामगारी उपाय है।

ताकत बढ़ाने वाला शक्तिशाली चूर्णः- 

काली तुलसी का बीज 25 ग्राम, पिसी हुई मिश्री 30 ग्राम और असली अकरकरा 5 ग्राम- इन सभी को मिलाकर ठीक तरह से कूटकर किसी एक शीशी में रख दें। रात को भोजन करने के 2 घंटा पहले 10 ग्राम चूर्ण को खाकर ऊपर से एक गिलास ठंडा पानी पी लें। रात के समय भोजन करने के दो घंटे के पश्चात संभोग क्रिया करें। यह चूर्ण पौष्टिक और यौन शक्ति को बढ़ाने वाला होता है। इसका दो हफ्ते (सप्ताह) तक विस्तृत रुप से इस्तेमाल करें। इस चूर्ण का प्रयोग करने तक हो सके तो $ex क्रिया न करें।

शक्ति लाने वाला उपायः- 

एक किलो इमली के बीजों को तीन-चार दिनों तक पानी में भीगे पड़े रहने दें। इसके पश्चात उन बीजों को पानी से निकालकर और छिलके उतारकर ठीक तरह से पीस लें। इसमें इससे दो गुना पुराने गुड़ को मिलाकर इसे आटे की तरह गूंथ लें। फिर इसकी बेर के बराबर गोलियां बना लें। $ex क्रिया करने के दो घंटे पहले इसे दूध के साथ इस्तेमाल करें। इस तरह का उपाय $ex करने की ताकत को और अधिक मजबूत बनाता है।

वीर्य को बढ़ाने वाला पौष्टिक चूर्णः-

अधिकतर पुरुष काफी मात्रा में अधिक संभोग करते हैं जिसके कारण उनके वीर्य की मात्रा में अधिक कमी और उनके शुक्राणुओं में अधिक दुर्बलता हो जाती है। उसके लिए 2-2 ग्राम दालचीनी का बारीक चूर्ण लेकर दूध के साथ सुबह और शाम के समय में इस्तेमाल करना चाहिए। इस चूर्ण का दो महीनों तक प्रयोग करने से इसका लाभ दिखाई देने लगेगा। इसका नियमित रुप से भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका प्रयोग करने से कोई साइड या बाहरी प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य की तादाद बहुत अधिक बढ़ जाती है। इस चूर्ण के प्रयोग करने से शुक्राणुओं की मात्रा भी बढ़ती है और इसकी संख्या में भी बढ़ोत्तरी होती है।

क्षीरपाकः- 

कोमल जड़ और पीपल का फल- इन दोनों को 25-25 ग्राम की मात्रा में लेकर इसको चटनी की तरह से बना लें। फिर इसमें 400 ग्राम पानी और 100 ग्राम दूध मिलाकर इसे हल्की आंच पर रखकर तब तक उबालें जब तक की पानी की मात्रा अच्छी तरह से जल न जाएं। पानी के जलने के बाद जब दूध बाकी रह जाए तो इस दूध को छानकर आधा सुबह और आधा शाम के समय प्रयोग में लाएं। जो पुरुष लिंग में उत्तेजना न आने की वजह से चिंता में रहते हैं, उन व्यक्तियों के लिए यह उपयोग बहुत ही अधिक लाभदायक है।

पौष्टिक खीरः- 

सबसे पहले बिना छिलके वाली उड़द की दाल को रात के समय में थोड़े से पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के समय में इस दाल को निकालकर मिक्सी में पीस लें। इसके बाद इसको दो चम्मच शुद्ध देशी घी में गुलाबी होने तक भूनें। फिर इसके बाद 250 ग्राम गर्म दूध कर लें। जब दूध उबलने लग जाए तब उसमें भुनी हुई उड़द की दाल डालकर इसे चम्मच से तक तक चलाते रहें जब तक यह गाढ़ा न हो जाएं। गाढ़ा हो जाने पर इसको नीचे उतार लें। फिर ठंडा हो जाने पर इसके अंदर दो चम्मच शहद डालकर रोजाना सुबह नाश्ता करते समय इस पौष्टिक खीर का इस्तेमाल करें। इसका सेवन करने से शरीर हष्ट-पुष्ट और ताकतवर बनता है। इस खीर का विस्तृत रुप से सेवन कर सकते हैं। इस खीर को सात दिन में कम से कम दो बार तो जरुर ही इस्तेमाल करना चाहिए। यह खीर सभी उम्र के लोगों के लिए बहुत ही उत्तम है।

वीर्य को शुद्घ करने वाला चू्र्णः- 

बबूल का गोंद, बबूल की बिना बीजों वाली कच्ची फलियां और बबूल की कोमल पत्तियां- इन तीनों को लेकर छाया में सुखाकर अलग-अलग करके कूट लें। फिर तीनों को बराबर-बराबर लेकर आपस में मिला लें। रोजाना के समय एक चम्मच पिसी हुई मिश्री लेकर इसे एक चम्मच चूर्ण के साथ मिलाकर खा लें। फिर इसके ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। इसका इस्तेमाल दो महीने तक विस्तारपूर्वक करने से इससे काफी अधिक फायदा मिलता है। यह वीर्य को अधिक गाढ़ा बनाता है। यह रात को होने वाले स्वप्न रोग, वीर्य का जल्दी गिरना और यौनांग के ढीलेपन एवं कमजोरी जैसे रोगों को समाप्त कर देता है।

सम्पूर्ण रुप से सुख देने वाले उपायः- 

आंवला, रुदंती, गिलोय सत्व, अश्वगंधा, हरड़, शतावर, चव्य, नागबला, वृद्धादारु, ब्राह्नी, प्रियंगु, वच, बिदारीकंद, जीवंती, पुनर्नवा, मेदा, महामेदा, काकोली, क्षीर काकोली, जीवन ऋषभक, मुग्दपर्णी, माषपर्णी, कौंच के बीज, तुलसी के बीज, सेमल, मूसली, काकनासा, पिपली बड़ी, जटामांसी, शंखपुष्पी, तालमखाना, सोनापाठा, अंनतमूल, मुलहठी, विधारा, अमलबेत, सोंठ तथा श्वेत चंदन- इन सभी पदार्थों को 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर अच्छी तरह से कूटकर कपड़े से छान लें। इसके अंदर वसंत कुसुमाकर रस तथा सिद्ध चंद्रोदय नं. 1- इन दोनों को भी लेकर 25-25 ग्राम डालकर अच्छी तरह से इसमें मिला दें। इस चूर्ण को आधा-आधा चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम के समय में लें। फिर ऊपर से गर्म दूध का इस्तेमाल करें। इस चूर्ण को विस्तारपूर्वक रोजाना तीन महीनों तक खाना चाहिए। फिर इसका इस्तेमाल तीन महीनों के लिए रोककर रखें। इसके बाद फिर तीन महीनों तक इस चूर्ण को लें। इस चूर्ण के प्रयोग से $ex क्रिया करने में पूर्ण रुप से सुख की प्राप्ति होती है। यह चूर्ण अधिक पौष्टिक होता है। इस चूर्ण का इस्तेमाल उच्च रक्तचाप, ह्रदय के रोगी तथा शूगर के रोगियों को नहीं करना चाहिए।

कौंच के बीज का चूर्णः-

तालमखाना 30 ग्राम, कौंच के बीज 30 ग्राम, गोखरू 50 ग्राम, पोस्तदाना 40 ग्राम, शाल्मली की जड़ 30 ग्राम, काली मूसली 20 ग्राम, सफेद मूसली 20 ग्राम और मिश्री 20 ग्राम- इन सबको एक साथ मिलाकर बारीक कूट-पीसकर कपड़े से छानकर चूर्ण बना लें। फिर इसे नियमित रुप से सुबह और शाम के समय गर्म दूध के साथ 3-3 ग्राम चूर्ण का इस्तेमाल करें। यह चूर्ण शरीर को पौष्टिक, $ex शक्ति को बढ़ाने वाला और संभोग करने की इच्छा शक्ति को भी बढ़ाता है।

Friday, June 23, 2017

यौन शक्ति बढ़ाने के कुछ सरल घरेलू उपाय काम शक्ति

इस भाग दौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी तथा अनियमति और अनहेल्दी भोजन के कारण पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।

1. आंवला- 2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में आंवला बहुत फायदेमंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं।

2. सेब-  एक सेब में जितनी हो सके उतनी लौंग लगा दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग लगाकर दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग बोतल में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।

3. अश्वगंधा- अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।

4. सोंठ- 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।

5. अजवायन- 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी बोतल में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है

6. छुहारे- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।

7. गाजर- 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250  ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्दूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकर शरीर को मजबूत रखता है। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।

8. इमली- आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।

9. कौंच का बीज- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100  ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।

10. चोबचीनी- 100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है।

11. प्याज- आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को
मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है।सफेद प्याज के रस को अदरक के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी पांच-पांच ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जाती है।

12. ढाक –  ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा सेक्स क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है।

13. जायफल – 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है।

14. इलायची – इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।

15. तुलसी- 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।

16. लहसुन- 200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।

17. हल्दी – वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।

18. उड़द की दाल – आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।

19. शंखपुष्पी – शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।

20. उंटगन के बीज – 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।

21. गोखरू – सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।

22. बरगद – सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।

23. पीपल – पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत में वृद्धि होती है।

24. त्रिफला – एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

25. सफेद मूसली – सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है।

Monday, May 15, 2017

भुई आंवला

भुई आंवला (country gooseberry)

भुई आंवले का छोटा सा पौधा होता है . यह बरसात के दिनों में खरपतवार की तरह हर जगह उगा हुआ नज़र आता है . इसकी पत्तियों की डंडी के नीचे बिल्कुल नन्हे नन्हे आंवले की तरह के फल जैसे लगे होते हैं . इसीलिये इस पौधे को भूमि आंवला या भू धात्री भी कहा जाता है .
Liver या यकृत की यह सबसे अधिक प्रमाणिक औषधि है . लीवर बढ़ गया है या या उसमे सूजन है तो यह पौधा उसे बिलकुल ठीक कर देगा . Bilurubin बढ़ गया है , पीलिया हो गया है तो इसके पूरे पढ़े को जड़ों समेत उखाडकर , उसका काढ़ा सुबह शाम लें . सूखे हुए पंचांग का 3 ग्राम का काढ़ा सवेरे शाम लेने से बढ़ा हुआ bilurubin ठीक होगा और पीलिया की बीमारी से मुक्ति मिलेगी .
अगर वर्ष में एक महीने भी  इसका काढ़ा ले लिया जाए तो पूरे वर्ष लीवर की कोई समस्या ही नहीं होगी.
Hepatitis -B और C के लिए यह रामबाण है . भुई आंवला +श्योनाक +पुनर्नवा ; इन तीनो को मिलाकर इनका रस लें . ताज़ा न मिले तो इनके पंचांग का काढ़ा लेते रहने से यह बीमारी  बिलकुल ठीक हो जाती है .
कई बाज़ीगर भुई आंवला के पत्ते चबाकर लोहे के ब्लेड तक को  चबा जाते हैं . इसमें शरीर के विजातीय तत्वों को दूर करने की अद्भुत क्षमता है . मुंह में छाले हों तो इनके पत्तों का रस चबाकर निगल लें या बाहर निकाल दें .  . यह  मसूढ़ों के लिए भी अच्छा है और  मुंह पकने पर भी लाभ करता है . स्तन में सूजन या गाँठ हो तो इसके पत्तों का पेस्ट लगा लें पूरा आराम होगा .
जलोदर या ascitis में लीवर की कार्य प्रणाली को ठीक करने के लिए 5 ग्राम भुई आंवला +1/2 ग्राम कुटकी +1 ग्राम सौंठ का काढ़ा सवेरे शाम लें .  खांसी में इसके साथ तुलसी के पत्ते मिलाकर  काढ़ा बनाकर लें . यह किडनी के infections भी खत्म करती है . इसका काढ़ा किडनी की सूजन भी खत्म करता है . प्रदर या प्रमेह की बीमारी भी इससे ठीक होती है .
पेट में दर्द हो और कारण न समझ आ रहा हो तो इसका काढ़ा ले लें . पेट दर्द तुरंत शांत हो जाएगा . ये digestive system को भी अच्छा करता है . शुगर की बीमारी में घाव न भरते हों तो इसका पेस्ट पीसकर लगा दें . इसे काली मिर्च के साथ लिया जाए तो शुगर की बीमारी भी ठीक होती है .
             Pus cells बढने पर भी इसे लिया जा सकता है . खुजली होने पर इसके पत्तों का रस मलने से लाभ होता है . पुराना बुखार हो और भूख कम लगती हो तो , इसके साथ मुलेठी और गिलोय मिलाकर ; काढ़ा बनाकर , लें . रक्त प्रदर की बीमारी होने पर इसके साथ दूब का रस  मिलाकर 2-3 चम्मच प्रात: सायं लें. आँतों का infection होने पर या ulcerative colitis होने पर इसके साथ दूब  को भी जड़ सहित उखाडकर , ताज़ा ताज़ा आधा कप रस लें . Bleeding 2-3 दिन में ही बंद हो जाएगी .

Saturday, May 13, 2017

आपके घर में हो ये 5 चीजें तो लक्ष्मी कभी नहीं आएगी


वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में रखे हुए टूटे-फूटे सामान, बर्तन, प्रतिमाएं, उपकरण आदि उस घर में रहने वालों पर नकारात्मक असर डालते हैं। इनसे घर का माहौल खराब होकर गृह-क्लेश का वातावरण बनता है, साथ में मां महालक्ष्मी भी नाराज होती है। शास्त्रों में कहा भी गया है जिस घर में टूटा-फूटा, खराब सामान होता है, वहां देवी लक्ष्मी कभी निवास नहीं करती।

अक्सर हमारे घरों में टूटे-फूटे बर्तन रखे रहते हैं। शास्त्रों के अनुसार यह बड़ा ही अशुभ वास्तु दोष है जो घर में नकारात्मकता को बढ़ाता है। इसलिए घर में टूटे बर्तन न रखें। यही कारण है कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दीवाली पर घर के सभी टूटे-फूटे बर्तन बाहर निकाल दिए जाते हैं।

घर में टूटा हुआ दर्पण रखने से घर में नेगेटिव एनर्जी फैलती है तथा घर के सभी सदस्यों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। अतः घर, गाड़ी या अन्य स्थानों पर रखे टूटे शीशों को तुरंत ही बाहर कर दें।

यदि पति-पत्नी का पलंग टूटा हुआ होता है तो उनके वैवाहिक जीवन में परेशानियां आने लगती हैं और उनके आपसी संबंध भी तनावपूर्ण हो जाते हैं। घर में वैवाहिक दाम्पत्य जीवन की सुख-शांति के लिए पलंग के टूटते ही या तो उसकी तुरंत मरम्मत करवा लेनी चाहिए या उसे बदल लेना चाहिए।

कुछ लोग खराब घड़ियां, इलेक्ट्रानिक सामान आदि को भी घर में रखते हैं। उनका मानना होता है कि समय आने पर सही करवा लेंगे। परन्तु यह घर में नेगेटिव एनर्जी को इकट्ठा करता है, जिससे घर में सदस्यों के बीच आपसी झगड़े होने लगते हैं तथा माहौल खराब होता है।


घर में कभी भी कोई टूटी, फटी हुई तस्वीर या प्रतिमाएं नहीं रखनी चाहिए। यह भी वास्तु दोष माना जाता है। खास तौर पर किसी देवी-देवता, धर्म स्थल, खुशहाल परिवार, किसी रमणीय स्थान, बच्चे आदि की तस्वीरें, प्रतिमाएं तो कटने-फटने या टूटने के बाद तुरंत ही हटा देनी चाहिए।