Sunday, May 19, 2013

सुखी जीवन के सरल उपाय


सुखी जीवन के सरल उपाय

सुखी जीवन के सरल उपाय (1) 


हर व्यक्ति सुख चाहता हैं, दुःख से सभी भय खाते हैं, मनुष्य ही नहीं अन्य प्राणी भी सुख की कामना रखते हैं. खुले असमान में स्वछंद विचरण कर रहा पक्षी अपने को जितना सुखी महसूस करता हैं, उतना ही वह तब दुखी हो जाता हैं, जब वह एक पिंजरे मैं कैद हो जाता हैं, जहां तक मनुष्य कि बात हैं तो उसके सुख – दुःख के पैमाने अलग अलग हैं. लेकिन सही मायने वही मायने वही सुखी माना जायगा, जो अपने हालात से संतुष्ट हो. बहराल यंहां कुछ ऐसे आसान उपाय जो कि पिछले कई दशको से हमारे महापुरुषों ने समाज कि भलाई के लिए उपयोग किये व् उसका पूर्ण रूप से सफलता पूर्वक फल प्राप्त किया. मैं उन उपायों को आपके लिए लिख रहा हूँ.इसे करने के बाद आशा हैं कि आपको भी ईश्वर सफलता प्रदान करे,अतः मुझे अवगत अवश्य करें,ताकि मेरा उत्साहवर्धन हो और मैं अन्य जानकारी भी आपके सामने रख सकूँ. यह उपाय जीवन को और ज्यादा सुखी बनाने में सहायक हो सकते हैं.

(१)- प्रतिदिन गरम तवे पर रोटी सेकने से पहले दूध के छींटे मारे,इससे घर में बीमारी का प्रकोप कम होगा.

(२)- प्रत्येक वृहस्पतिवार को तुलसी के पोधे को थोडा सा दूध चढ़ा देने से घर में लक्ष्मी का वास होता हैं.

(३)- प्रतिदिन सवेरे पानी में नमक मिला कर पोंछा करे मानसिक शांति प्राप्त होगी.

(४)- प्रतिदिन सवेरे थोडा सा दूध और पानी मिलाकर मुख्य द्वार के दोनों और डाले, सुख शांति का अनुभव होगा.

(५)- मुख्य द्वार के परदे के नीचे ९ घुंघरू बांध देने से घर में प्रसन्नता का वातावरण बनेगा.

(६)- प्रतिदिन शाम को पीपल के पेढ़ को थोडा सा दूध-पानी मिलाकर चढा देने से व् दीपक जलाएं तथा मनोकामना के साथ पांच परिक्रमा करें, (रविवार को छोड़ दे) शीघ्र मनोकामना पूर्ण होगी.

(७)-प्रतिदिन सवेरे पहली रोटी गाय को, दूसरी रोटी कुत्ते को एवं तीसरी रोटी छत पर पक्षियों को डालें
    इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती हैं.पितृ दोष के कारण प्राप्त कष्ट समाप्त हो जाते हैं
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(८)- किसी भी शुभ चोघडीये में पांच किलो साबुत नमक एक थैली में डाल कर अपने घर में ऐसी जगह पर रख दे, जंहा पर पानी नहीं लगे. यदि अपने आप पानी लग जाय तो इसे कम में नहीं ले, फेंक दे.तथा नया नमक ला कर रख दे. यह घर के नकरात्मक प्रभाव को कम करता हैं एवं सकरात्मक प्रभाव को बढ़ाता हैं

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