Sunday, March 20, 2011

स्वयं को शुद्ध करने हेतु मन्त्र ~

स्वयं  को  शुद्ध  करने  हेतु  अपने  दाहिने   हाथ   में  कोई  भी  ताज़ा  जल  या  जल   लेकर   निम्न  मन्त्र   का  उच्चारण   करें   ,  इसके  पश्चात   आप  कोई   भी  यज्ञ   इत्यादि  कर  सकते  हैं 
मंत्र       

            " ॐ  अपवित्रः   पवित्रो  वा  सर्वावस्थां  गतो-अपि  वा !
             यः  स्मरेत  पुन्डरिकाक्षम  स  बाह्याभ्यंतरः    शुचिः  !!

इसके  बाद  उस  जल  को  अपने  ऊपर  छिरक  /  छींट  लें 

No comments:

Post a Comment