Sunday, March 20, 2011

~भगवान् शंकर पर चढाये जाने वाले फूल एवं उनका महत्त्व ~

     शास्त्रों   में  भगवान्  शिव  शंकर   पर  फूल  चढाने  का  बहुत  अधिक  महत्त्व  बताया  गया  है  ! अतः  इसका  उल्लेख   करना   आवश्यक  है  -
   शास्त्रों   ने  कुछ  फूलों  के  चढाने  से  मिलने   वाले   फल  का  तारतम्य   बतलाया  है  ,  जैसे  दस  स्वर्ण - माप   के  बराबर  स्वर्ण- दान  का    फल   एक  आक   के  फूल  को  चढाने  से  मिल   जाता  है  ,   हज़ार  आक   के  फूलों   कि  अपेक्षा  एक   कनेर  का  फूल,   हज़ार   कनेर  के  फूलों  के  चढाने   कि  अपेक्षा  एक  बिल्व -पत्र    से  मिल  जाता   है  और  हज़ार  बिल्व-पत्रों   कि  अपेक्षा  एक  गूमा-फूल ( द्रोण -पुष्प ) ,  हज़ार  गूमा  से   बढ़कर  एक  चिचिडा ( अपामार्ग) ,  हज़ार  अपमार्गों  से  बढ़कर  एक   कुश  का  फूल  ,   हज़ार   कुश  के  फूलों   से   बढ़कर  एक   शमी  का   पत्ता ,   हज़ार   शमी  के  पत्तों   से   बढ़कर  एक  नीलकमल  ,  हज़ार   नीलकमल   से   बढ़कर  एक  धतूरा  ,  हज़ार  धतूरों   से    बढ़कर  एक  शमी  का  फूल  होता   है !
   * अंत  में  शास्त्र  में  स्पष्ट  रूप  से   कहा  गया  है  कि   फूलों   कि  प्रजाति  में   सबसे   बढ़कर  नीलकमल  ही   भगवान्  शिव  जी  का  सर्वाधिक   प्रिय   पुष्प  है ! *

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